Category: Uncategorized
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यह समय झरता हुआ!
आज मैं श्रेष्ठ हिन्दी नवगीतकार स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| ओम प्रभाकर जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी का यह नवगीत – उफ़, यह समयझरता हुआ। कल के बेडौल हाथोंहुए ख़ुद से त्रस्त। कहीं कोई हैकि हममें…
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मैं ज़र्द पत्तों पे शबनम!
मैं ज़र्द पत्तों पे शबनम सजा के लाया हूँ,किसी ने मुझ से कहा था हिसाब दे जाओ| बशीर बद्र