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रहेगी धूप मिरे सर पे!
रहेगी धूप मिरे सर पे आख़िरी दिन तक,जवाँ है पेड़ मगर उस का आसरा क्या है| क़ैसर शमीम
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हर एक साँस की धार!
अभी तो काट रही है हर एक साँस की धार,अज़ल जब आए तो देखूँ कि इंतिहा क्या है| क़ैसर शमीम
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भूली-बिसरी तस्वीरें!
नज़र की धुँद में हैं भूली-बिसरी तस्वीरें,पलट के देखने वाले ये देखना क्या है| क़ैसर शमीम
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धूल के सिवा क्या है!
शिकस्ता ख़्वाब के मलबे में ढूँढता क्या है,खंडर खंडर है यहाँ धूल के सिवा क्या है| क़ैसर शमीम
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प्यार का दुश्मन!
राह-ए-वफ़ा में फूल नहीं हैं ख़ार बहुत हैं ‘हस्ती‘ जी, प्यार का दुश्मन सारा ज़माना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती
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पंछी की परवाजों में!
जिस पंछी की परवाजों में जोश-ए-जुनूँ भी शामिल हो,उस की ख़ातिर आब-ओ-दाना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती
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तन्हाई से अपना!
अपने दुख-सुख कह लेना कभी हँस लेना कभी रो लेना,तन्हाई से अपना याराना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती
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सब कुछ बदल गया!
रंग बदलती इस दुनिया में सब कुछ बदल गया लेकिन,मेरे लबों पर तेरा फ़साना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती