Category: Uncategorized
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गुलाब चाँदनी-रातों पे!
गुलाब चाँदनी-रातों पे वार आए हम,तुम्हारे होंटों का सदक़ा उतार आए हम| अज़हर इक़बाल
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वैसे दिल में क्या क्या!
तुम जो गए तो भूल गए सारी बातें,वैसे दिल में क्या क्या चलता रहता है| अज़हर इक़बाल
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रूपांतर!
आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कथाकार एवं कवि स्वर्गीय गंगा प्रसाद विमल जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। विमल जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय गंगा प्रसाद विमल जी की यह कविता – रूपांतरइतिहासगाथाएंझूठ हैं सबसच है एक पेडजब तक वह फल देता है…
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दूर की सदा क्या है!
उदास रात की ख़ामोशियों में ऐ ‘क़ैसर‘, क़रीब आती हुई दूर की सदा क्या है| क़ैसर शमीम