Category: Uncategorized
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मैं आप उठाता हूँ !
मैं आप उठाता हूँ शब-ओ-रोज़ की ज़िल्लत,ये बोझ किसी और को ढोने नहीं देता| अब्बास ताबिश
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बच्चा तो कभी अपने!
तुम माँग रहे हो मिरे दिल से मिरी ख़्वाहिश,बच्चा तो कभी अपने खिलौने नहीं देता| अब्बास ताबिश
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हँसने नहीं देता कभी!
हँसने नहीं देता कभी रोने नहीं देता,ये दिल तो कोई काम भी होने नहीं देता| अब्बास ताबिश
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ठहराव!
आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि श्री गिरधर राठी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। राठी जी की अधिक कविताएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री गिरधर राठी जी की ये कविता- बार-बार देखने लगता था पीछेउधर उस छोर पर घिसटता आता था सचइस के और उस के…
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आए हैं ज़िंदाँ में भी!
राह में फ़ौजों के पहरे सर पे तलवारों की छाँव,आए हैं ज़िंदाँ* में भी बा-शौकत-ए-शाहाना हम|*Prison अली सरदार जाफ़री
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गुलज़ार हर वीराना!
ख़ून-ए-दिल से चश्म-ए-तर तक चश्म-ए-तर से ता-ब-ख़ाक,कर गए आख़िर गुल-ओ-गुलज़ार हर वीराना हम| अली सरदार जाफ़री
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गर्दिश-ए-पैमाना हम!
मस्ती-ए-रिंदाना हम सैराबी-ए-मय-ख़ाना हम,गर्दिश-ए-तक़दीर से हैं गर्दिश-ए-पैमाना हम| अली सरदार जाफ़री
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काग़ज़ बिखर रहे हैं!
किस तरह जम्अ’ कीजिए अब अपने आप को,काग़ज़ बिखर रहे हैं पुरानी किताब के| आदिल मंसूरी