Category: Uncategorized
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इस अरण्य में पैदल!
आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि श्री अनूप अशेष जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। अनूप जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री अनूप अशेष जी का यह नवगीत– झाड़ी पकती झरबेरीपत्थर फूटे झरने दिन आए है पैदल चलकर बीहड़ घाट उतरने ।…
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डम डम डिगा डिगा!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं , अपने स्वर में मुकेश जी का गाया फिल्म-छलिया का यह गीत शेयर कर रहा हूँ,-डम डम डिगा डिगा, मौसम भीगा-भीगा आशा है आपको यह पसंद आएगाधन्यवाद। *******
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हो गई है पीर पर्बत!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं दुष्यंत कुमार जी की आपातकाल में लिखी गई रचनाओं में से एक अत्यंत लोकप्रिय ग़ज़लके दो शेर प्रस्तुत कर रहा हूँ- गई है पीर पर्बत सी पिघलनी चाहिए! आशा है आपको यह पसंद आएंगे,धन्यवाद । *****
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बैठ के खाने के लिए!
जी तो कहता है कि बिस्तर से न उतरूँ कई रोज़,घर में सामान तो हो बैठ के खाने के लिए| शकील जमाली