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संसार से भागे फिरते हो!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- संसार से भागे फिरते हो भगवान को तुम क्या पाओगे !फिल्म- चित्रलेखा मुख्य कलाकार- प्रदीप कुमार, मीना कुमारी, अशोक कुमार गीतकार- साहिर लुधियानवी संगीतकार- रोशन गायिका- लता मंगेशकर प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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नींद भी मेरे नयन की!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। नीरज जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय गोपाल दास नीरज जी का यह गीत- प्राण ! पहले तो हृदय तुमने चुरायाछीन ली अब नींद भी मेरे नयन की बीत…
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वो बोलते बदन जो!
वो जागती जबीनें कहाँ जा के सो गईं,वो बोलते बदन जो सिमटते थे क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम
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इक शाम की दहलीज पर!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में बशीर बद्र जी का एक और शेर जिसे जगजीत सिंह-चित्रा सिंह ने गाया है- इक शाम की दहलीज पर बैठे रहे वो देर तक! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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वीराना क्यूँ हैं बस्तियाँ!
वो गुनगुनाते रास्ते ख़्वाबों के क्या हुए,वीराना क्यूँ हैं बस्तियाँ बाशिंदे क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम
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रोज़गार दफ्तर की फाइलें भरें!
आज फिर से अपनी बहुत पुरानी ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा हूँ, मई 2017 में जब मैंने ब्लॉग लिखना शुरू किया था, तब शायद 10 वीं पोस्ट थी यह, मेरी जीवन यात्रा व्यावहारिक रूप से शाहदरा से शुरू हुई थी और वहीं से ब्लॉग यात्रा भी। लीजिए आज यह पुरानी पोस्ट पढ़ लीजिए, तब लगता था…
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एहसास की खुशबू कहाँ!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में बशीर बद्र जी की ग़ज़ल का एक और शेर जिसे जगजीत सिंह-चित्रा सिंह ने गाया है –एहसास की खुशबू कहाँ आवाज के जुगनू कहाँ! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । *****