Category: Uncategorized
-
मेरी तन्हाई बढ़ाते हैं!
मेरी तन्हाई बढ़ाते हैं चले जाते हैं,हंस तालाब पे आते हैं चले जाते हैं| अब्बास ताबिश
-
जब हम ही न महके फिर साहिब
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह शेर-जब हम ही न महके फिर साहिबशायर- उबेदुल्लाह अलीमगायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
-
तक़दीर ने उनको भी !
तक़दीर ने उन को भी सितारों पे बिठाया,‘पर्वाज़’ जो इंसान ग़रीबी में पले हैं| विजेंद्र सिंह परवाज़
-
ऊँचाइयाँ हासिल हुईं !
ऊँचाइयाँ हासिल हुईं तक़दीर से जिन को,इक रोज़ वो सब लोग भी सूरज से ढले हैं| विजेंद्र सिंह परवाज़
-
मुकेश जी के साथ एक और गीत यात्रा!
मेरे यूट्यूब लाइव के अंतर्गत प्रस्तुत है मुकेश जी के साथ एक और गीत यात्रा – कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे आशा है आपको यह लाइव स्ट्रीम पसंद आएगी,धन्यवाद। ******
-
वो जब याद आए बहुत याद आए!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- वो जब याद आए बहुत याद आए !फिल्म- पारसमणि मुख्य कलाकार- महिपाल, गीतांजलिगीतकार- असद भोपाली संगीतकार- लक्ष्मीकांत प्यारेलाल गायक- मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
-
टुकड़े-टुकड़े दिन बीता!
आज मैं श्रेष्ठ अभिनेत्री और शायरा स्वर्गीय मीना कुमारी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ।इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय मीना कुमारी जी की यह ग़ज़ल – टुकड़े-टुकड़े दिन बीता, धज्जी-धज्जी रात मिलीजिसका जितना आँचल था, उतनी ही सौगात मिली रिमझिम-रिमझिम बूँदों में, ज़हर भी है…
-
अँधेरों में चराग़ों से जले हैं!
वो भी तो हमें छोड़ के रुख़्सत हुए कब के,हम जिन के अँधेरों में चराग़ों से जले हैं| विजेंद्र सिंह परवाज़
-
फिल्मी गीतों में वफा, दोस्ती, दुश्मनी
प्रस्तुत है मेरी यह यूट्यूब लाइव प्रस्तुति, इस लाइव प्रस्तुति में मैंने दोस्ती, प्रेम और दुश्मनी के भाव दर्शाने वाले कुछ गीत चुने थे। आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । *****
-
कोई रंग तो दो!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह शेर- कोई रंग तो दो मेरे चेहरे को!शायर- उबेदुल्लाह अलीमगायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******