Category: Uncategorized
-
हर गुलिस्ताँ में ख़िज़ाँ हो!
मिल ही जाएगी कहीं ढूँढने वाले को बहार,हर गुलिस्ताँ में ख़िज़ाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं| साहिर होशियारपुरी
-
आँख से अश्क रवाँ हो!
जान-ए-तन्हा पे गुज़र जाएँ हज़ारों सदमे,आँख से अश्क रवाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं| साहिर होशियारपुरी
-
हम-नवा दिल की ज़बाँ !
लब पे हर-वक़्त फ़ुग़ाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं,हम-नवा दिल की ज़बाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं| साहिर होशियारपुरी
-
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में गुरु दत्त जी की प्रसिद्ध फिल्म प्यासा का यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- फ़िल्म- प्यासागीतकार- साहिर लुधियानवीसंगीतकार-सचिन देव बर्मनगायक- मोहम्मद रफ़ीप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
-
ग़म-ए-दिल रुख़ से!
ग़म-ए-दिल रुख़ से अयाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं, इश्क़ रुस्वा-ए-जहाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं| साहिर होशियारपुरी
-
गा मंगल के गीत सुहागिन!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी रचनाएं मैंने पहले शायद शेयर नहीं की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह जी की यह कविता – गा मंगल के गीत सुहागिन!चौमुख दियरा बाल के! आज शरद की साँझ, अमा केइस जगमग त्योहार में-दीपावली…
-
मुझ को शिकवा है !
कर दिया गर्दिश-ए-अय्याम ने रुस्वा ‘साहिर’,मुझ को शिकवा है यगाने से न बेगाने से| साहिर होशियारपुरी