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हमेशा उधार रहती है!
इसी से क़र्ज़ चुकाए हैं मैं ने सदियों के,ये ज़िंदगी जो हमेशा उधार रहती है| राहत इंदौरी
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बहार चंद ही लम्हे!
फिर उस के बा’द वही बासी मंज़रों के जुलूस,बहार चंद ही लम्हे बहार रहती है| राहत इंदौरी
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बे-ज़ार हैं उजालों से!
हमारे ताक़ भी बे-ज़ार हैं उजालों से,दिए की लौ भी हवा पर सवार रहती है| राहत इंदौरी
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तेरी याद दिल से भुलाने चला हूँ!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह अमर गीत- तेरी याद दिल से भुलाने चला हूँ कि खुद अपनी हस्ती मिटाने चला हूँ फिल्म- हरियाली और रास्ता मुख्य कलाकार- मनोज कुमार, माला सिन्हा गीतकार – शैलेन्द्र संगीतकार- शंकर जयकिशन गायक- मुकेश प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद…
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दया!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि श्री अशोक चक्रधर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। चक्रधर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं श्री अशोक चक्रधर जी की यह कविता – भूख में होती है कितनी लाचारी,ये दिखाने के लिए एक भिखारी,लॉन की घास खाने लगा,घर की…
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सामान में रक्खे रहे!
ज़िंदगी भर अपनी गूँगी धड़कनों के साथ साथ,हम भी घर के क़ीमती सामान में रक्खे रहे| राहत इंदौरी
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शाख़ से तोड़े गए!
सिर्फ़ इतना फ़ासला है ज़िंदगी से मौत का,शाख़ से तोड़े गए गुल-दान में रक्खे रहे| राहत इंदौरी
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जिंदगी भर मैं जिसे!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में नीरज जी की ग़ज़ल का अगला शेर- जिंदगी भर मैं जिसे देख के इतराता रहा! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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ख़्वाब कच्ची धूप थे!
बंद कमरे खोल कर सच्चाइयाँ रहने लगीं,ख़्वाब कच्ची धूप थे दालान में रक्खे रहे| राहत इंदौरी