Category: Uncategorized
-
मुझे पूर्णतः प्रसन्न रखिए – रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। आज भी मैंने अनुवाद के लिए अंग्रेजी कविता को ऑनलाइन उपलब्ध कविताओं…
-
ये क्या किया रे दुनियावाले!
आज फिर से मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और गीत शेयर कर रहा हूँ| ये शानदार गीत 1969 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘बेटी’ से है, जिसे लिखा है – शकील बदायुनी साहब ने और सोनिक ओमी जी के संगीत निर्देशन में इसे मुकेश जी ने अपने लाजवाब अंदाज़ में गाया है|…
-
चाँद रोया साथ मेरे, रात रोयी बार -बार!
काफी दिन से मैंने अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया कोई गीत शेयर नहीं किया है| लीजिए आज मैं ये शानदार गीत शेयर कर रहा हूँ| फिल्म- ‘एक रात’ के लिए यह गीत ‘अंजान’ जी ने लिखा है और उषा खन्ना जी के संगीत निर्देशन में इसे मुकेश जी ने अपने लाजवाब अंदाज़ में…
-
लोग यों ही हैं झिझकते सोचते!
कल मैंने खड़ी बोली हिन्दी के एक प्रारंभिक प्रमुख कवि स्वर्गीय अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ जी की एक रचना प्रस्तुत की थी। आज फिर से स्वर्गीय ‘हरिऔध’ जी की एक और रचना शेयर कर रहा हूँ, जिसे मैंने अपने स्कूल के पाठ्यक्रम में भी पढ़ा था| कविता के क्या दायित्व हैं और कवियों से हम…
-
किस तरह कुल की बड़ाई काम दे!
आज मैं एक ऐसे कवि की रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिनको खड़ी बोली का प्रारंभिक महाकाव्य रचयिता माना जाता है| आज के रचनाकार हैं, स्वर्गीय अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ जी, जिन्होंने, खड़ी बोली में कविता के प्रारंभिक काल में अपना अमूल्य योगदान किया था| हरिऔध जी का जन्म 1865 मेँ हुआ था और भारत…
-
उधर रास्ता न था!
आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए मैं अपनी एक पुरानी पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| हमारे एक प्रसिद्ध फिल्मी अभिनेता, निर्माता, निर्देशक हुए हैं, अभी वे सक्रिय नहीं हैं, ईश्वर उनको लंबी उम्र दे, वे हैं- श्री मनोज कुमार। फिल्म निर्माता के रूप में उन्होंने एक विशेष विषय पर फिल्में…
-
भरकर आग अंक में मुझको सारी रात जागना होगा!
स्वर्गीय रामावतार त्यागी जी एक ऐसे गीतकार थे जो हमेशा कुछ अलग किस्म के गीत लिखते थे| उनकी कुछ गीत पंक्तियाँ जो अक्सर याद आती हैं, उनमें हैं- ‘ज़िंदगी और बता तेरा इरादा क्या है’, ‘एक भी आँसू न कर बेकार, जाने कब समंदर मांगने आ जाए’, ‘इस सदन में मैं अकेला ही दिया हूँ,…
-
कभी घर में सूरज उगा देर से – निदा फ़ाज़ली
एक बार फिर मैं अपने एक अति प्रिय शायर स्वर्गीय निदा फ़ाज़ली साहब की एक गजल शेयर कर रहा हूँ| निदा साहब बड़ी शिद्दत से भावों को महसूस करते थे और बड़ी कारीगरी से उन भावों को शेरों के माध्यम से व्यक्त करते थे| लीजिए आज स्वर्गीय निदा फ़ाज़ली इस रचना का आनंद लीजिए- कहीं…
-
जब तुम मुझसे गाने के लिए कहते हो- रवीन्द्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। आज भी मैंने अनुवाद के लिए अंग्रेजी कविता को ऑनलाइन उपलब्ध कविताओं…
-
सुना है ज्योति का आगार हूँ मैं!
सभी को, महान भारतीय गणतन्त्र दिवस की बधाई देते हुए, मैं स्वर्गीय रामधारी सिंह जी दिनकर की एक रचना शेयर करना चाह रहा हूँ| दिनकर जी को राष्ट्रकवि का दर्जा दिया गया था क्योंकि उन्होंने राष्ट्रीय हुंकार से भरी अनेक रचनाएँ लिखी थीं, लेकिन यह रचना एक सुकोमल भावनाओं से युक्त रचना है, जिसमें व्यक्ति…