Category: Uncategorized
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बंट न जाये तेरा बीमार!
जो भी आता है बताता है नया कोई इलाज,बंट न जाये तेरा बीमार मसीहाओं में| क़तील शिफ़ाई
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मिलावट न करो छाँव में!
ऐ मेरे हम-सफ़रों तुम भी थाके-हारे हो,धूप की तुम तो मिलावट न करो छाँव में| क़तील शिफ़ाई
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वसंत आ गया!
स्वर्गीय दुष्यंत कुमार जी की एक कविता आज शेयर कर रहा हूँ| दुष्यंत जी द्वारा आपातकाल के दौरान लिखी गई ग़ज़लें तो व्यापक जन-समुदाय तक पहुंची हैं, जिनको ‘साये में धूप’ नाम से संकलित किया गया था|| लीजिए आज दुष्यंत कुमार जी की यह रचना ‘वसंत आ गया’ शेयर कर रहा हूँ, इस रचना में…
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बो न सके जो कभी सहराओं में!
उनको भी है किसी भीगे हुए मंज़र की तलाश,बूँद तक बो न सके जो कभी सहराओं में| क़तील शिफ़ाई
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और जताया भी नहीं!
तुम तो शायर हो “क़तील” और वो इक आम सा शख़्स,उसने चाहा भी तुझे और जताया भी नहीं| क़तील शिफ़ाई
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जिसे पास बुलाया भी नहीं!
रोज़ आता है दर-ए-दिल पे वो दस्तक देने,आज तक हमने जिसे पास बुलाया भी नहीं| क़तील शिफ़ाई
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उसने सताया भी नहीं!
बेरुख़ी इससे बड़ी और भला क्या होगी,एक मुद्दत से हमें उसने सताया भी नहीं| क़तील शिफ़ाई
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जिसका कोई साया भी नहीं!
प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं,कैसा बादल है जिसका कोई साया भी नहीं| क़तील शिफ़ाई