Category: Uncategorized
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कोई तो पार गुज़रे!
बहती हुई ये नदिया घुलते हुए किनारे,कोई तो पार उतरे कोई तो पार गुज़रे| मीना कुमारी
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एक दिन बहार गुज़रे!
बैठे हैं रास्ते में दिल का खंडहर सजाकर,शायद इसी तरफ़ से एक दिन बहार गुज़रे| मीना कुमारी
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कोई कोहराम नहीं होता!
दिन डूबे हैं या डूबे बारात लिये कश्ती,साहिल पे मगर कोई कोहराम नहीं होता| मीना कुमारी
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किस्मत में ईनाम नहीं होता!
हँस- हँस के जवां दिल के, हम क्यों न चुनें टुकडे़,हर शख्स़ की किस्मत में ईनाम नहीं होता| मीना कुमारी
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लेकिन गुमनाम नहीं हॊता!
जब ज़ुल्फ़ की कालिख़ में घुल जाए कोई राही,बदनाम सही लेकिन गुमनाम नहीं हॊता| मीना कुमारी
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कहानी में वॊ नाम नहीं होता!
आगाज़ तॊ होता है अंजाम नहीं होता,जब मेरी कहानी में वॊ नाम नहीं होता| मीना कुमारी
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देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के!
आज एक बार फिर से मैं हिन्दी सिनेमा जगत से जुड़े ऐसे महान कवि की रचना शेयर कर रहा हूँ, जिन्होंने राष्ट्रीय भावना से जुड़े अनेक अमर गीत हमारी फिल्मों को और हमारे साहित्य कोश को दिए हैं| जी हां मैं स्वर्गीय कवि प्रदीप जी की बात कर रहा हूँ, जिनको सिनेमा जगत में उनके…