Category: Uncategorized
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उठाई नदामत कहाँ कहाँ!
दुनिया से ऐ दिल इतनी तबीअ’त भरी न थी, तेरे लिए उठाई नदामत कहाँ कहाँ| फ़िराक़ गोरखपुरी
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तेरी ज़रूरत कहाँ कहाँ!
जैसे फ़ना बक़ा में भी कोई कमी सी हो, मुझको पड़ी है तेरी ज़रूरत कहाँ कहाँ| फ़िराक़ गोरखपुरी
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याद वो सूरत कहाँ कहाँ!
फ़र्क़ आ गया था दौर-ए-हयात-ओ-ममात में, आई है आज याद वो सूरत कहाँ कहाँ| फ़िराक़ गोरखपुरी
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अदा की शिकायत कहाँ कहाँ!
बेगानगी पर उसकी ज़माने से एहतिराज़, दर-पर्दा उस अदा की शिकायत कहाँ कहाँ| फ़िराक़ गोरखपुरी
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कितने दिन चलेगा!
लीजिए एक बार फिर मैं प्रसिद्ध हिन्दी कवि, गीतकार, जिन्होंने साहित्य जगत और हमारी फिल्मों को भी अनेक अमर रचनाएं दी हैं और जिनको हम गीतों के राजकुंवर के नाम से जानते थे, ऐसे स्वर्गीय गोपालदास नीरज जी का एक सुंदर गीत शेयर कर रहा हूँ| मैंने पहले भी नीरज जी के बहुत से गीत…
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ये मसर्रत कहाँ कहाँ!
नैरंग-ए-इश्क़ की है कोई इंतिहा कि ये, ये ग़म कहाँ कहाँ ये मसर्रत कहाँ कहाँ| फ़िराक़ गोरखपुरी
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ये होश ये ग़फ़लत कहाँ कहाँ!
ऐ नर्गिस-ए-सियाह बता दे तिरे निसार, किस किस को है ये होश ये ग़फ़लत कहाँ कहाँ| फ़िराक़ गोरखपुरी
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देख ये वहशत कहाँ कहाँ!
दिल के उफ़क़ तक अब तो हैं परछाइयाँ तिरी, ले जाए अब तो देख ये वहशत कहाँ कहाँ| फ़िराक़ गोरखपुरी
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ये मुसीबत कहाँ कहाँ!
राह-ए-तलब में छोड़ दिया दिल का साथ भी, फिरते लिए हुए ये मुसीबत कहाँ कहाँ| फ़िराक़ गोरखपुरी
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ऐ ग़म-ए-फ़ुर्क़त कहाँ कहाँ!
फ़ुर्क़त हो या विसाल वही इज़्तिराब है, तेरा असर है ऐ ग़म-ए-फ़ुर्क़त कहाँ कहाँ| फ़िराक़ गोरखपुरी