मुस्कुरा उसे भूल जा!

किसी आँख में नहीं अश्क-ए-ग़म तिरे बअ‘द कुछ भी नहीं है कम,

तुझे ज़िंदगी ने भुला दिया तू भी मुस्कुरा उसे भूल जा|

                 अमजद इस्लाम अमजद

                 

Leave a comment