किसी आँख में नहीं अश्क-ए-ग़म तिरे बअ‘द कुछ भी नहीं है कम,
तुझे ज़िंदगी ने भुला दिया तू भी मुस्कुरा उसे भूल जा|
अमजद इस्लाम अमजद
A sky full of cotton beads like clouds
किसी आँख में नहीं अश्क-ए-ग़म तिरे बअ‘द कुछ भी नहीं है कम,
तुझे ज़िंदगी ने भुला दिया तू भी मुस्कुरा उसे भूल जा|
अमजद इस्लाम अमजद
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