आस्तीं पे लहू नहीं!

कहीं चाक-ए-जाँ का रफ़ू नहीं किसी आस्तीं पे लहू नहीं,

कि शहीद-ए-राह-ए-मलाल का नहीं ख़ूँ-बहा उसे भूल जा|

                   अमजद इस्लाम अमजद

Leave a comment