तिरी आस तेरे गुमान में

मैं तो गुम था तेरे ही ध्यान में तिरी आस तेरे गुमान में,

सबा कह गई मिरे कान में मिरे साथ आ उसे भूल जा|

                अमजद इस्लाम अमजद

Leave a comment