मस्ती दारू, मैं और तू!

भिक्षु-दानी, प्यासा पानी, दरिया सागर, जल गागर,

गुलशन ख़ुशबू, कोयल कूकू, मस्ती दारू, मैं और तू|

                जावेद अख़्तर

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