भिक्षु-दानी, प्यासा पानी, दरिया सागर, जल गागर,
गुलशन ख़ुशबू, कोयल कूकू, मस्ती दारू, मैं और तू|
जावेद अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds
भिक्षु-दानी, प्यासा पानी, दरिया सागर, जल गागर,
गुलशन ख़ुशबू, कोयल कूकू, मस्ती दारू, मैं और तू|
जावेद अख़्तर
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