वो ज़ुल्फ़ें और ये बाज़ू!

ब़ाँबी नागिन, छाया आँगन, घुंघरू छन-छन, आशा मन,

आँखें काजल, पर्बत बादल, वो ज़ुल्फ़ें और ये बाज़ू|

               जावेद अख़्तर

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