मिरे गले में तुम्हारी गुदाज़ बाहें हैं,
तुम्हारे होंटों पे मेरे लबों के साए हैं|
मुझे यक़ीं है कि हम अब कभी न बिछड़ेंगे,
तुम्हें गुमान कि हम मिल के भी पराए हैं|
तसव्वुरात की परछाइयाँ उभरती हैं|
साहिर लुधियानवी
A sky full of cotton beads like clouds
मिरे गले में तुम्हारी गुदाज़ बाहें हैं,
तुम्हारे होंटों पे मेरे लबों के साए हैं|
मुझे यक़ीं है कि हम अब कभी न बिछड़ेंगे,
तुम्हें गुमान कि हम मिल के भी पराए हैं|
तसव्वुरात की परछाइयाँ उभरती हैं|
साहिर लुधियानवी
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