धड़कते दिल से लरज़ती हुई निगाहों से,
हुज़ूर-ए-ग़ैब में नन्ही सी इल्तिजा की थी|
कि आरज़ू के कँवल खिल के फूल हो जाएँ,
दिल-ओ-नज़र की दुआएँ क़ुबूल हो जाएँ|
साहिर लुधियानवी
A sky full of cotton beads like clouds
धड़कते दिल से लरज़ती हुई निगाहों से,
हुज़ूर-ए-ग़ैब में नन्ही सी इल्तिजा की थी|
कि आरज़ू के कँवल खिल के फूल हो जाएँ,
दिल-ओ-नज़र की दुआएँ क़ुबूल हो जाएँ|
साहिर लुधियानवी
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