फ़ज़ा में घुल से गए हैं उफ़ुक़ के नर्म ख़ुतूत,
ज़मीं हसीन है ख़्वाबों की सरज़मीं की तरह|
तसव्वुरात की परछाइयाँ उभरती हैं,
कभी गुमान की सूरत कभी यक़ीं की तरह|
साहिर लुधियानवी
A sky full of cotton beads like clouds
फ़ज़ा में घुल से गए हैं उफ़ुक़ के नर्म ख़ुतूत,
ज़मीं हसीन है ख़्वाबों की सरज़मीं की तरह|
तसव्वुरात की परछाइयाँ उभरती हैं,
कभी गुमान की सूरत कभी यक़ीं की तरह|
साहिर लुधियानवी
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