हसीन फूल हसीं पतियाँ

जवान रात के सीने पे दूधिया आँचल,

मचल रहा है किसी ख़ाब-ए-मर्मरीं की तरह|

हसीन फूल हसीं पतियाँ हसीं शाख़ें,

लचक रही हैं किसी जिस्म-ए-नाज़नीं की तरह|

साहिर लुधियानवी

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