ऐ बंजारो हम लोग चले!

हम दिल को लिए हर देस फिरे इस जिंस के गाहक मिल न सके,

ऐ बंजारो हम लोग चले हम को तो ख़सारा* होता है|

*Loss

इब्न-ए-इंशा

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