दफ़्तर से उठे कैफ़े में गए कुछ शेर कहे कुछ कॉफ़ी पी,
पूछो जो मआश* का ‘इंशा’-जी यूँ अपना गुज़ारा होता है|
*जीविका
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
दफ़्तर से उठे कैफ़े में गए कुछ शेर कहे कुछ कॉफ़ी पी,
पूछो जो मआश* का ‘इंशा’-जी यूँ अपना गुज़ारा होता है|
*जीविका
इब्न-ए-इंशा
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