कटने लगीं रातें आँखों में देखा नहीं पलकों पर अक्सर,
या शाम-ए-ग़रीबाँ का जुगनू या सुब्ह का तारा होता है|
इब्न-ए-इंशा
A sky full of cotton beads like clouds
कटने लगीं रातें आँखों में देखा नहीं पलकों पर अक्सर,
या शाम-ए-ग़रीबाँ का जुगनू या सुब्ह का तारा होता है|
इब्न-ए-इंशा
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