Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 26th Mar 2023

    पयाम तक न पहुँचे!

    उन्हें अपने दिल की ख़बरें मिरे दिल से मिल रही हैं, मैं जो उन से रूठ जाऊँ तो पयाम तक न पहुँचे| शकील बदायूनी

  • 26th Mar 2023

    बाम तक न पहुँचे!

    जो नक़ाब-ए-रुख़ उठा दी तो ये क़ैद भी लगा दी, उठे हर निगाह लेकिन कोई बाम तक न पहुँचे| शकील बदायूनी

  • 26th Mar 2023

    सलाम तक न पहुँचे!

    ये अदा-ए-बे-नियाज़ी तुझे बेवफ़ा मुबारक, मगर ऐसी बे-रुख़ी क्या कि सलाम तक न पहुँचे|

  • 26th Mar 2023

    शाम तक न पहुँचे!

    नई सुब्ह पर नज़र है मगर आह ये भी डर है, ये सहर भी रफ़्ता रफ़्ता कहीं शाम तक न पहुँचे|

  • 26th Mar 2023

    प्रेम पर कविता – रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट को दोहराने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पोस्ट| आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद…

  • 22nd Mar 2023

    ये चराग़ तू ही बुझा न दे!

    मेरे दाग़-ए-दिल से है रौशनी इसी रौशनी से है ज़िंदगी, मुझे डर है ऐ मिरे चारा-गर ये चराग़ तू ही बुझा न दे| शकील बदायूनी

  • 22nd Mar 2023

    मुझे ज़िंदगी की दुआ न दे!

    मेरे हम-नफ़स मेरे हम-नवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे, मैं हूँ दर्द-ए-इश्क़ से जाँ-ब-लब मुझे ज़िंदगी की दुआ न दे| शकील बदायूनी

  • 22nd Mar 2023

    तमसो मा ज्योतिर्गमय!

    हिन्दी नवगीत के शलाका पुरुष स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का एक नवगीत मैं आज शेयर कर रहा हूँ| नवगीत के मामले में शंभुनाथ सिंह जी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, उनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का यह नवगीत – बुझी न दीप…

  • 21st Mar 2023

    कितने दिन इतराओगे!

    ‘फ़ैज़’ दिलों के भाग में है घर भरना भी लुट जाना भी, तुम इस हुस्न के लुत्फ़-ओ-करम पर कितने दिन इतराओगे| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 21st Mar 2023

    उनको क्या जतलाओगे!

    किसने वस्ल का सूरज देखा किस पर हिज्र की रात ढली, गेसुओं वाले कौन थे क्या थे उनको क्या जतलाओगे| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

←Previous Page
1 … 995 996 997 998 999 … 1,530
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,132 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar