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चिमटा फुकनी जैसी माँ!
बेसन की सौंधी रोटी पर खट्टी चटनी जैसी माँ, याद आती है! चौका बासन चिमटा फुकनी जैसी माँ| निदा फ़ाज़ली
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नेता जी लगे मुस्कुराने!
आज एक बार फिर मैं प्रसिद्ध कवि श्री अशोक चक्रधर जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ, जिनको वैसे तो हास्य-व्यंग्य कवि के रूप में जाना जाता है परंतु उन्होंने सब प्रकार की कविताएं लिखी हैं और बहुत सुंदर कविताएं लिखी हैं| लीजिए, आज मैं श्री अशोक चक्रधर जी की यह कविता शेयर कर…