Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 27th Nov 2022

    मैं वही हूँ ‘मोमिन’-ए-मुब्तला!

    जिसे आप गिनते थे आश्ना जिसे आप कहते थे बा-वफ़ा, मैं वही हूँ ‘मोमिन’-ए-मुब्तला तुम्हें याद हो कि न याद हो| मोमिन खाँ मोमिन

  • 27th Nov 2022

    वो नहीं नहीं की हर आन अदा!

    वो बिगड़ना वस्ल की रात का वो न मानना किसी बात का, वो नहीं नहीं की हर आन अदा तुम्हें याद हो कि न याद हो| मोमिन खाँ मोमिन

  • 27th Nov 2022

    सो निबाहने का तो ज़िक्र क्या!

    सुनो ज़िक्र है कई साल का कि किया इक आप ने वा’दा था, सो निबाहने का तो ज़िक्र क्या तुम्हें याद हो कि न याद हो| मोमिन खाँ मोमिन

  • 27th Nov 2022

    कभी हम भी तुम भी थे आश्ना!

    कभी हम में तुम में भी चाह थी कभी हम से तुम से भी राह थी, कभी हम भी तुम भी थे आश्ना तुम्हें याद हो कि न याद हो| मोमिन खाँ मोमिन

  • 27th Nov 2022

    तो बयाँ से पहले ही भूलना!

    कोई बात ऐसी अगर हुई कि तुम्हारे जी को बुरी लगी, तो बयाँ से पहले ही भूलना तुम्हें याद हो कि न याद हो| मोमिन खाँ मोमिन

  • 27th Nov 2022

    वो बयान शौक़ का बरमला!

    कभी बैठे सब में जो रू-ब-रू तो इशारतों ही से गुफ़्तुगू , वो बयान शौक़ का बरमला तुम्हें याद हो कि न याद हो| मोमिन खाँ मोमिन

  • 27th Nov 2022

    वो नए गिले वो शिकायतें!

    वो नए गिले वो शिकायतें वो मज़े मज़े की हिकायतें, वो हर एक बात पे रूठना तुम्हें याद हो कि न याद हो| मोमिन खाँ मोमिन

  • 27th Nov 2022

    मुझे सब है याद ज़रा ज़रा!

    वो जो लुत्फ़ मुझ पे थे बेशतर वो करम कि था मिरे हाल पर, मुझे सब है याद ज़रा ज़रा तुम्हें याद हो कि न याद हो| मोमिन खाँ मोमिन

  • 27th Nov 2022

    तुम्हें याद हो कि न याद हो!

    वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद हो, वही या’नी वा’दा निबाह का तुम्हें याद हो कि न याद हो| मोमिन खाँ मोमिन

  • 27th Nov 2022

    मुहब्बत का घर!

    आज मैं अपने समय में हिन्दी के श्रेष्ठ कवि, संपादक और गीतकार रहे तथा काव्य-मंचों की शोभा बढ़ाने वाले स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की दो ग़ज़लें शेयर कर रहा हूँ| नंदन जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की यह दो ग़ज़लें– तेरा जहान…

←Previous Page
1 … 935 936 937 938 939 … 1,388
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar