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ऐ मेरे दिल कहीं और चल!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में शेयर कर रहा हूँ, तलत महमूद जी का गाया, फिल्म ‘दाग’ का प्रसिद्ध गीत, जिसे शैलेंद्र जी ने लिखा था और इसका संगीत शंकर जयकिशन ने दिया था – ऐ मेरे दिल कहीं और चल, ग़म की दुनिया से दिल भर गया आशा है…
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मध्यवर्गीय पत्नी से!
आज मैं फिर से मेरे लिए गुरुतुल्य रहे श्रेष्ठ गीत कवि डॉक्टर कुंवर बेचैन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। बेचैन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय डॉक्टर कुंवर बेचैन जी की यह कविता– कल समय की व्यस्तताओं से निकालूँगा समय कुछफिर भरुँगा…
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ढाई मन से कम नहीं!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं काका हाथरसी जी की एक हास्य कविता शेयर कर रहा हूँ जो मोटी पत्नी को लेकर है- ढाई मन से कम नहीं, तौल सके तो तौल! आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद। ******