Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 9th Jul 2023

    मुसाफ़िर भटक जाएँगे!

    दिन में परियों की कोई कहानी न सुन, जंगलों में मुसाफ़िर भटक जाएँगे| बशीर बद्र

  • 9th Jul 2023

    खेतों के मज़दूर हैं!

    ये परिंदे भी खेतों के मज़दूर हैं, लौट के अपने घर शाम तक जाएँगे| बशीर बद्र

  • 9th Jul 2023

    हाथ थक जाएँगे!

    नाम पानी पे लिखने से क्या फ़ाएदा, लिखते लिखते तिरे हाथ थक जाएँगे| बशीर बद्र

  • 9th Jul 2023

    फूलों से ढक जाएँगे!

    रफ़्ता रफ़्ता हर इक ज़ख़्म भर जाएगा, सब निशानात फूलों से ढक जाएँगे| बशीर बद्र

  • 9th Jul 2023

    दुश्मनी का सफ़र!

    दुश्मनी का सफ़र इक क़दम दो क़दम, तुम भी थक जाओगे हम भी थक जाएँगे| बशीर बद्र

  • 9th Jul 2023

    आइना कर दिया!

    हमने अल्फ़ाज़ को आइना कर दिया, छपने वाले ग़ज़ल में चमक जाएँगे| बशीर बद्र

  • 9th Jul 2023

    राह तो एक थी!

    आज एक बार फिर से मैं ‘कवियों के कवि’ कहलाने वाले स्वर्गीय शमशेर बहादुर सिंह जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| शमशेर जी की कुछ कविताएँ  मैंने पहले भी शेयर की हैं|    लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शमशेर बहादुर सिंह जी की यह कविता – राह तो एक थी हम दोनों की…

  • 8th Jul 2023

    कटोरे छलक जाएँगे!

    घर से निकले अगर हम बहक जाएँगे, वो गुलाबी कटोरे छलक जाएँगे| बशीर बद्र

  • 8th Jul 2023

    पत्थर भी उठाएँगे!

    जब साथ न दे कोई आवाज़ हमें देना, हम फूल सही लेकिन पत्थर भी उठाएँगे| बशीर बद्र

  • 8th Jul 2023

    वो धूप के छप्पर हों!

    वो धूप के छप्पर हों या छाँव की दीवारें, अब जो भी उठाएँगे मिल जुल के उठाएँगे| बशीर बद्र

←Previous Page
1 … 771 772 773 774 775 … 1,395
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar