Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 10th Jul 2023

    मशवरा नहीं देंगे!

    शराब पी के बड़े तजरबे हुए हैं हमें, शरीफ़ लोगों को हम मशवरा नहीं देंगे| राहत इंदौरी

  • 10th Jul 2023

    वो रास्ता नहीं देंगे!

    रिवायतों की सफ़ें तोड़कर बढ़ो वर्ना, जो तुम से आगे हैं वो रास्ता नहीं देंगे| राहत इंदौरी

  • 10th Jul 2023

    हम सदा नहीं देंगे!

    हमें तो सिर्फ़ जगाना है सोने वालों को, जो दर खुला है वहाँ हम सदा नहीं देंगे| राहत इंदौरी

  • 10th Jul 2023

    ज़मीं को दग़ा नहीं देंगे!

    हों लाख ज़ुल्म मगर बद-दुआ‘ नहीं देंगे, ज़मीन माँ है ज़मीं को दग़ा नहीं देंगे| राहत इंदौरी

  • 10th Jul 2023

    सफ़ेद पोश उठे!

    अजीब रंग था मज्लिस का ख़ूब महफ़िल थी, सफ़ेद पोश उठे काएँ काएँ करने लगे| राहत इंदौरी

  • 10th Jul 2023

    इल्तिजाएँ करने लगे!

    झुलस रहे हैं यहाँ छाँव बाँटने वाले, वो धूप है कि शजर इल्तिजाएँ करने लगे| राहत इंदौरी

  • 10th Jul 2023

    ख़ताएँ करने लगे!

    ज़मीं पर आ गए आँखों से टूट कर आँसू, बुरी ख़बर है फ़रिश्ते ख़ताएँ करने लगे| राहत इंदौरी

  • 10th Jul 2023

    ज़मीं पर इक सूरज!

    लहू-लुहान पड़ा था ज़मीं पर इक सूरज, परिंदे अपने परों से हवाएँ करने लगे| राहत इंदौरी

  • 10th Jul 2023

    एक दिन!

    आज मैं हिन्दी के एक श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय शलभ श्रीराम सिंह जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| कविता  स्वयं ही अपना और किसी हद तक अपने रचयिता का परिचय देती है|    लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शलभ श्रीराम सिंह जी की यह कविता – एक दिनपृथ्वी पर जन्मेअसंख्य लोगों की तरहमिट जाऊंगा…

  • 9th Jul 2023

    अब दवाएँ करने लगे!

    तरक़्क़ी कर गए बीमारियों के सौदागर, ये सब मरीज़ हैं जो अब दवाएँ करने लगे| राहत इंदौरी

←Previous Page
1 … 770 771 772 773 774 … 1,395
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar