Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 27th Feb 2024

    एक हमीं हुशियार थे!

    एक से एक जुनूँ का मारा इस बस्ती में रहता है, एक हमीं हुशियार थे यारो एक हमीं बद-नाम हुए| इब्न-ए-इंशा

  • 27th Feb 2024

    किस सूरज से माँगें धूप

    किस का चमकता चेहरा लाएँ किस सूरज से माँगें धूप, घूर अँधेरा छा जाता है ख़ल्वत-ए-दिल में शाम हुए| इब्न-ए-इंशा

  • 27th Feb 2024

    करो सहन!

    अज्ञेय जी द्वारा संपादित दूसरा सप्तक के कवियों की रचनाएं शेयर करने के   क्रम में आज स्वर्गीय रघुवीर सहाय जी की एक और कविता शेयर कर रहा हूँ| रघुवीर सहाय जी प्रतिष्ठित समाचार पत्रिका ‘दिनमान’ के संपादक के रूप में भी विख्यात हुए थे| रघुवीर सहाय जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की…

  • 26th Feb 2024

    ख़ार हुए नाकाम हुए!

    उन लोगों की बात करो जो इश्क़ में ख़ुश-अंजाम हुए, नज्द में क़ैस यहाँ पर ‘इंशा’ ख़ार हुए नाकाम हुए| इब्न-ए-इंशा

  • 26th Feb 2024

    गुमनाम हुए!

    लोग हिलाल-ए-शाम से बढ़ कर पल में माह-ए-तमाम हुए, हम हर बुर्ज में घटते घटते सुब्ह तलक गुमनाम हुए| इब्न-ए-इंशा

  • 26th Feb 2024

    चाँदनगर लिख जाएगा

    तेरा नूर ज़ुहूर सलामत इक दिन तुझ पर माह-ए-तमाम, चाँद-नगर का रहने वाला चाँद-नगर लिख जाएगा| इब्न-ए-इंशा

  • 26th Feb 2024

    वो क्या दर्द बटाएगा!

    दीदा ओ दिल ने दर्द की अपने बात भी की तो किस से की, वो तो दर्द का बानी ठहरा वो क्या दर्द बटाएगा| इब्न-ए-इंशा

  • 26th Feb 2024

    पत्थर का बन जाएगा!

    हाँ यही शख़्स गुदाज़ और नाज़ुक होंटों पर मुस्कान लिए, ऐ दिल अपने हाथ लगाते पत्थर का बन जाएगा| इब्न-ए-इंशा

  • 26th Feb 2024

    वहशी फूल खिलाएगा!

    शहरों को वीरान करेगा अपनी आँच की तेज़ी से, वीरानों में मस्त अलबेले वहशी फूल खिलाएगा| इब्न-ए-इंशा

  • 26th Feb 2024

    सूरज को शरमाएगा!

    राज़ कहाँ तक राज़ रहेगा मंज़र-ए-आम पे आएगा, जी का दाग़ उजागर हो कर सूरज को शरमाएगा| इब्न-ए-इंशा

←Previous Page
1 … 753 754 755 756 757 … 1,532
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar