Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 26th Oct 2024

    रास्ते बन्द हैं सब!

    काम अब कोई न आयेगा बस इक दिल के सिवा,रास्ते बन्द हैं सब कूचा-ए-क़ातिल के सिवा| अली सरदार जाफ़री

  • 26th Oct 2024

    मुझे तू क्या समझा!

    मेरा हर शेर है इक राज़-ए-हक़ीक़त ‘बेख़ुद’,मैं हूँ उर्दू का ‘नज़ीरी’ मुझे तू क्या समझा| बेख़ुद देहलवी

  • 26th Oct 2024

    एक वो हैं जिन्हें!

    एक वो हैं जिन्हें दुनिया की बहारें हैं नसीब,एक मैं हूँ क़फ़स-ए-तंग को दुनिया समझा| बेख़ुद देहलवी

  • 26th Oct 2024

    ख़ाक का पुतला!

    क्या कहूँ मेरे समाने को समझ है दरकार,ख़ाक समझा जो मुझे ख़ाक का पुतला समझा| बेख़ुद देहलवी

  • 26th Oct 2024

    मुझ को तमाशा!

    असर-ए-हुस्न कहूँ या कशिश-ए-इश्क़ कहूँ,मैं तमाशाई था वो मुझ को तमाशा समझा| बेख़ुद देहलवी

  • 26th Oct 2024

    नदी बाढ़ के!

    आज एक बार फिर मैं, हिन्दी नवगीत के श्रेष्ठ हस्ताक्षर श्री अनूप अशेष जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| अशेष जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री अनूप अशेष जी का यह नवगीत – हम सूखे बादल को जीतेकिन दरवाज़ोंदिन आषाढ़ के। अपने भीतर धूप…

  • 25th Oct 2024

    आपने अच्छा समझा!

    मैं ये समझा हूँ कि समझे न मिरी बात को आप,सर हिला कर जो कहा आप ने अच्छा समझा| बेख़ुद देहलवी

  • 25th Oct 2024

    दुनिया को तमाशा!

    जो तमाशा नज़र आया उसे देखा समझा,जब समझ आ गई दुनिया को तमाशा समझा| बेख़ुद देहलवी

  • 25th Oct 2024

    गालियाँ बद-ज़बान!

    नाम सुनता है जब वो ‘बेख़ुद’ का,गालियाँ बद-ज़बान देता है| बेख़ुद देहलवी

  • 25th Oct 2024

    मरने वालों पे जान!

    तुझ से बा-वज़्अ है तिरा ख़ंजर,मरने वालों पे जान देता है| बेख़ुद देहलवी

←Previous Page
1 … 582 583 584 585 586 … 1,530
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar