Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 1st Jul 2024

    अब तक हैं इस गुमाँ में

    अब तक हैं इस गुमाँ में कि हम भी हैं दहर* में, इस वहम से नजात की सूरत नहीं मिली| *दुनिया मुनीर नियाज़ी

  • 1st Jul 2024

    इन बस्तियों में हमको

    थी जिस की जुस्तुजू वो हक़ीक़त नहीं मिली, इन बस्तियों में हम को रिफ़ाक़त नहीं मिली| मुनीर नियाज़ी

  • 1st Jul 2024

    चम्बल एक नदी का नाम!

    आज मैं हिन्दी के श्रेष्ठकवि श्री नरेश मेहता जी की एक कविता का पहला अंश शेयर कर रहा हूँ| मेहता जी की अधिक रचनाएं मैंने शायद पहले शेयर नहीं की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री नरेश मेहता जी की यह कविता-   यह महाराजा रन्तिदेव के अग्निहोत्र मेंकाटी गई सहस्त्रों गायों और बछड़ों केबहे ख़ून…

  • 30th Jun 2024

    सुब्ह को रो रो शाम करो!

    ‘मीर‘ से बैअ‘त की है तो ‘इंशा‘ मीर की बैअ‘त भी है ज़रूर, शाम को रो रो सुब्ह करो अब सुब्ह को रो रो शाम करो| इब्न-ए-इंशा 

  • 30th Jun 2024

    सवाब का काम करो!

    दिल की मताअ‘ तो लूट रहे हो हुस्न की दी है ज़कात कभी, रोज़-ए-हिसाब क़रीब है लोगो कुछ तो सवाब का काम करो| इब्न-ए-इंशा 

  • 30th Jun 2024

    दिलों को ग़ुलाम करो!

    कब से खड़े हैं बर में ख़िराज-ए-इश्क़ के लिए सर-ए-राहगुज़ार,  एक नज़र से सादा-रुख़ो हम सादा-दिलों को ग़ुलाम करो| इब्न-ए-इंशा 

  • 30th Jun 2024

    रात क़याम करो!

    जंगल जंगल शौक़ से घूमो दश्त की सैर मुदाम करो, ‘इंशा‘-जी हम पास भी लेकिन रात की रात क़याम करो| इब्न-ए-इंशा 

  • 30th Jun 2024

    अख़बार के बीच!

    मिन्नत-ए-क़ासिद कौन उठाए शिकवा-ए-दरबाँ कौन करे, नामा-ए-शौक़ ग़ज़ल की सूरत छपने को दो अख़बार के बीच| इब्न-ए-इंशा 

  • 30th Jun 2024

    तुझी को ख़बर न मिले

    ख़ार-ओ-ख़स-ओ-ख़ाशाक तो जानें एक तुझी को ख़बर न मिले, ऐ गुल-ए-ख़ूबी हम तो अबस बदनाम हुए गुलज़ार के बीच| इब्न-ए-इंशा 

  • 30th Jun 2024

    भरी बहार के बीच

    पीना-पिलाना ऐन गुनह है जी का लगाना ऐन हवस, आप की बातें सब सच्ची हैं लेकिन भरी बहार के बीच| इब्न-ए-इंशा 

←Previous Page
1 … 533 534 535 536 537 … 1,395
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar