Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 6th Jul 2024

    कोई साया मिरे बाज़ू से

    रास्ते भर कोई आहट थी कि आती ही रही, कोई साया मिरे बाज़ू से गुज़रता ही रहा| जाँ निसार अख़्तर

  • 6th Jul 2024

    चाँद उतरता ही रहा!

    रौशनी कम न हुई वक़्त के तूफ़ानों में, दिल के दरिया में कोई चाँद उतरता ही रहा| जाँ निसार अख़्तर

  • 6th Jul 2024

    चाँद उतरता ही रहा!

    रौशनी कम न हुई वक़्त के तूफ़ानों में, दिल के दरिया में कोई चाँद उतरता ही रहा| जाँ निसार अख़्तर

  • 6th Jul 2024

    कोई सँवरता ही रहा!

    दीदा ओ दिल में कोई हुस्न बिखरता ही रहा, लाख पर्दों में छुपा कोई सँवरता ही रहा| जाँ निसार अख़्तर

  • 6th Jul 2024

    यहाँ से भी चलें!

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी के श्रेष्ठनवगीतकर स्वर्गीय ओम प्रभाकर  जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| ओम प्रभाकर जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी का यह नवगीत-   चलें, अब तो यहाँ से भी चलें। उठ गएहिलते हुए रंगीन कपड़ेसूखते।(अपाहिज हैं…

  • 5th Jul 2024

    चाँद की एक दरांती थी

    तारों की रौशन फ़सलें और चाँद की एक दरांती थी, साहू ने गिरवी रख ली थी मेरी रात कटाई की| गुलज़ार 

  • 5th Jul 2024

    रेत कभी तन्हाई की!

    आँखों और कानों में कुछ सन्नाटे से भर जाते हैं, क्या तुम ने उड़ती देखी है रेत कभी तन्हाई की| गुलज़ार 

  • 5th Jul 2024

    आदत है हरजाई की!

    सीने में दिल की आहट जैसे कोई जासूस चले, हर साए का पीछा करना आदत है हरजाई की| गुलज़ार

  • 5th Jul 2024

    आवाज़ किसी सौदाई!

    नींद में कोई अपने-आप से बातें करता रहता है, काल-कुएँ में गूँजती है आवाज़ किसी सौदाई की| गुलज़ार 

  • 5th Jul 2024

    चाँदनी रात जुदाई की!

    तिनका तिनका काँटे तोड़े सारी रात कटाई की, क्यूँ इतनी लम्बी होती है चाँदनी रात जुदाई की| गुलज़ार 

←Previous Page
1 … 527 528 529 530 531 … 1,393
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar