SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 9th Dec 2025

    जी जलाता हूँ और!

    जी जलाता हूँ और सोचता हूँ,राएगाँ ये हुनर न जाए कहीं| नासिर काज़मी

  • 9th Dec 2025

    उम्र भर न जाए कहीं!

    आरज़ू है कि तू यहाँ आए,और फिर उम्र भर न जाए कहीं| नासिर काज़मी

  • 9th Dec 2025

    चंदन सा बदन, चंचल चितवन!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज में अपने स्वर में मुकेश जी द्वारा गाया गया फिल्म- सरस्वतीचंद्र का यह प्रसिद्ध गीत शेयर कर रहा हूँ- चंदन सा बदन, चंचल चितवनधीरे से तेरा ये मुस्काना, मुझे दोष न देना जग वालोंहो जाऊं अगर मैं दीवाना। आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । *****

  • 9th Dec 2025

    खेल ये बाज़ार का!

    प्रस्तुत है आज का यह गीत, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- खेल ये बाज़ार का, कुछ दिनबहुत अच्छा लगा! खूब बिके हम, खूब खरीदा, लोगों को, सामानों को, गोदामों में जमा कियासामानों को, परिधानों कोकिंतु जब होने लगा ये सच, हमें धक्का लगा। मिथ्या है ये जगत यही तो सुनते हम हैं आए चालें ऊपर…

  • 9th Dec 2025

    गधे ही गधे हैं!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं स्वर्गीय ओम प्रकाश आदित्य जी की एक प्रसिद्ध हास्य कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ- इधर भी गधे हैं, उधर भी गधे हैं जिधर देखता हूँ, गधे ही गधे हैं। आशा है आपको यह पसंद आएगी, धन्यवाद। *****

  • 8th Dec 2025

    बिखर न जाए कहीं!

    न मिला कर उदास लोगों से,हुस्न तेरा बिखर न जाए कहीं| नासिर काज़मी

  • 8th Dec 2025

    आज देखा है तुझ को!

    आज देखा है तुझ को देर के ब’अद,आज का दिन गुज़र न जाए कहीं| नासिर काज़मी

  • 8th Dec 2025

    तू भी दिल से !

    निय्यत-ए-शौक़ भर न जाए कहीं,तू भी दिल से उतर न जाए कहीं| नासिर काज़मी

  • 8th Dec 2025

    ठिकाने के दिन या!

    ‘फ़िराक़’ अपनी क़िस्मत में शायद नहीं थे,ठिकाने के दिन या ठिकाने की रातें| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 8th Dec 2025

    वो साक़ी से बातें!

    सर-ए-मय-कदा तिश्नगी की वो क़स्में,वो साक़ी से बातें बनाने की रातें| फ़िराक़ गोरखपुरी

←Previous Page
1 … 46 47 48 49 50 … 1,340
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,142 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar