Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 22nd Sep 2024

    सदियों का इतिहास!

    साँसें जितनी मौजें उतनी सब की अपनी अपनी गिनती,सदियों का इतिहास समुंदर जितना तेरा उतना मेरा| निदा फ़ाज़ली

  • 22nd Sep 2024

    तुम जानो या मैं जानूँ!

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी नवगीत के शिखर पुरुष स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| | शंभुनाथ जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का यह गीत – जानी अनजानी, तुम जानो या मैं जानूँ। यह रात अधूरेपन…

  • 21st Sep 2024

    आँसू सपना चाहत!

    हर जीवन की वही विरासत आँसू सपना चाहत मेहनत,साँसों का हर बोझ बराबर जितना तेरा उतना मेरा| निदा फ़ाज़ली

  • 21st Sep 2024

    सब कुछ अंदर बाहर!

    गेहूँ चावल बाँटने वाले झूटा तौलें तो क्या बोलें,यूँ तो सब कुछ अंदर बाहर जितना तेरा उतना मेरा| निदा फ़ाज़ली

  • 21st Sep 2024

    दुख सुख का ये जंतर!

    एक ही धरती हम सब का घर जितना तेरा उतना मेरा,दुख सुख का ये जंतर-मंतर जितना तेरा उतना मेरा| निदा फ़ाज़ली

  • 21st Sep 2024

    आलम रहे रहे न रहे!

    ‘नज़ीर’ आज ही चल कर बुतों से मिल लीजे,फिर इश्तियाक़ का आलम रहे रहे न रहे| नज़ीर अकबराबादी

  • 21st Sep 2024

    यही समझ लो हमें!

    यही समझ लो हमें तुम कि इक मुसाफ़िर हैं,जो चलते चलते कहीं थम रहे रहे न रहे| नज़ीर अकबराबादी

  • 21st Sep 2024

    अपने इन दुखों को!

    आज एक बार फिर मैं विख्यात हिन्दी व्यंग्य लेखक और कवि स्वर्गीय रवीन्द्रनाथ त्यागी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| | त्यागी जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय रवीन्द्रनाथ त्यागी जी की यह कविता –  अपने इन दुखों कोबेकार मत जाने दोचेहरे के चिराग…

  • 20th Sep 2024

    ग़म रहे रहे न रहे!

    तुम्हारे ग़म में ग़रज़ हम तो दे चुके हैं जी,बला से तुम को भी अब ग़म रहे रहे न रहे| नज़ीर अकबराबादी

  • 20th Sep 2024

    दिल भर के आज रो!

    यही है अज़्म कि दिल भर के आज रो लीजे,कि कल ये दीदा-ए-पुर-नम रहे रहे न रहे| नज़ीर अकबराबादी

←Previous Page
1 … 472 473 474 475 476 … 1,392
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar