Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 15th Oct 2024

    निथर गई है फ़ज़ा!

    बरस के खुल गए आँसू निथर गई है फ़ज़ा,चमक रहा है सर-ए-शाम दर्द का तारा| जावेद अख़्तर

  • 15th Oct 2024

    ख़लिश से छुटकारा!

    मैं पा सका न कभी इस ख़लिश से छुटकारा,वो मुझ से जीत भी सकता था जाने क्यूँ हारा जावेद अख़्तर

  • 15th Oct 2024

    मित्रता और पवित्रता!

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी में अपने किस्म के अनूठे कवि स्वर्गीय भवानीप्रसाद मिश्र जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ|   भवानी दादा की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भवानीप्रसाद मिश्र जी की यह कविता  –  आडम्बर मेंसमाप्त न होने पाएपवित्रता और समाप्त न…

  • 14th Oct 2024

    मेरे तरफ़-दार से हैं!

    जब से वो अहल-ए-सियासत में हुए हैं शामिल,कुछ अदू के हैं तो कुछ मेरे तरफ़-दार से हैं| गुलज़ार

  • 14th Oct 2024

    हम उसी बाज़ार से हैं!

    रूह से छीले हुए जिस्म जहाँ बिकते हैं,हम को भी बेच दे हम भी उसी बाज़ार से हैं| गुलज़ार

  • 14th Oct 2024

    वक़्त के तीर तो!

    वक़्त के तीर तो सीने पे सँभाले हम ने,और जो नील पड़े हैं तिरी गुफ़्तार से हैं| गुलज़ार

  • 14th Oct 2024

    उन के साए अभी!

    कल तवारीख़ में दफ़नाए गए थे जो लोग,उन के साए अभी दरवाज़ों पे बेदार से हैं| गुलज़ार

  • 14th Oct 2024

    लोग पानी का कफ़न!

    चढ़ते सैलाब में साहिल ने तो मुँह ढाँप लिया,लोग पानी का कफ़न लेने को तय्यार से हैं| गुलज़ार

  • 14th Oct 2024

    नाख़ुदा देख रहा है!

    नाख़ुदा देख रहा है कि मैं गिर्दाब में हूँ,और जो पुल पे खड़े लोग हैं अख़बार से हैं| गुलज़ार

  • 14th Oct 2024

    पत्तों में हलचल है!

    पेड़ के पत्तों में हलचल है ख़बर-दार से हैं,शाम से तेज़ हवा चलने के आसार से हैं| गुलज़ार

←Previous Page
1 … 452 453 454 455 456 … 1,391
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar