Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 21st Apr 2025

    लबों पर तेरा फ़साना!

    रंग बदलती इस दुनिया में सब कुछ बदल गया लेकिन,मेरे लबों पर तेरा फ़साना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती

  • 21st Apr 2025

    ख़्वाब में तेरा आना!

    ख़्वाब में तेरा आना-जाना पहले भी था आज भी है,तुझ से इक रिश्ता अन-जाना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती

  • 21st Apr 2025

    आँख भी पुर-नम नहीं!

    अभी बज़्म-ए-तरब से क्या उठूँ मैं,अभी तो आँख भी पुर-नम नहीं है| असरार-उल-हक़ मजाज़

  • 21st Apr 2025

    मुझे भी ग़म नहीं है!

    मिरी बर्बादियों का हम-नशीनो,तुम्हें क्या ख़ुद मुझे भी ग़म नहीं है| असरार-उल-हक़ मजाज़

  • 21st Apr 2025

    जेब

    आज मैं हिंदी के विख्यात कवि श्री प्रयाग शुक्ल जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री प्रयाग शुक्ल जी की यह कविता– मेरी भी एक जेब है ।पत्नी कहती हैरहती है खाली ।खाली जेब हर सुबह मिलती है खाली ।कोट…

  • 20th Apr 2025

    ग़म ही ग़म नहीं है!

    बहुत कुछ और भी है इस जहाँ में, ये दुनिया महज़ ग़म ही ग़म नहीं है| असरार-उल-हक़ मजाज़

  • 20th Apr 2025

    तिरी ज़ुल्फ़ों का!

    बहुत मुश्किल है दुनिया का सँवरना,तिरी ज़ुल्फ़ों का पेच-ओ-ख़म नहीं है| असरार-उल-हक़ मजाज़

  • 20th Apr 2025

    मगर वोआज भी!

    जुनून-ए-शौक़ अब भी कम नहीं है,मगर वो आज भी बरहम नहीं है| असरार-उल-हक़ मजाज़

  • 20th Apr 2025

    मुझे भी ख़राब होना!

    कुछ तुम्हारी निगाह काफ़िर थी,कुछ मुझे भी ख़राब होना था| असरार-उल-हक़ मजाज़

  • 20th Apr 2025

    आफ़्ताब होना था!

    तेरे जल्वों में घिर गया आख़िर,ज़र्रे को आफ़्ताब होना था| असरार-उल-हक़ मजाज़

←Previous Page
1 … 435 436 437 438 439 … 1,528
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,132 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar