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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 14th Nov 2024

    उस की यादगारी है!

    हिज्र हो या विसाल हो कुछ हो,हम हैं और उस की यादगारी है| जौन एलिया

  • 14th Nov 2024

    तेरी इंतिज़ारी है!

    उस से कहियो कि दिल की गलियों में,रात दिन तेरी इंतिज़ारी है| जौन एलिया

  • 14th Nov 2024

    नींद भी तुम्हारी है!

    बिन तुम्हारे कभी नहीं आई,क्या मिरी नींद भी तुम्हारी है| जौन एलिया

  • 14th Nov 2024

    अपना साया भी!

    निघरे क्या हुए कि लोगों पर,अपना साया भी अब तो भारी है| जौन एलिया

  • 14th Nov 2024

    वो ज़िंदगी गुज़ारी है!

    जो गुज़ारी न जा सकी हम से,हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है| जौन एलिया

  • 14th Nov 2024

    बे-क़रारी सी!

    बे-क़रारी सी बे-क़रारी है,वस्ल है और फ़िराक़ तारी है| जौन एलिया

  • 14th Nov 2024

    मेरा साँस उखड़ते ही!

    मेरा साँस उखड़ते ही सब बैन करेंगे रोएँगे,या’नी मेरे बा’द भी या’नी साँस लिए जाते होंगे| जौन एलिया

  • 14th Nov 2024

    ज़िंदगी की कहानी!

    आज मैं हिन्दी के एक श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय जानकीवल्लभ शास्त्री जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| शास्त्री जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय जानकीवल्लभ शास्त्री जी की यह कविता – ज़िंदगी की कहानी रही अनकही ! दिन गुज़रते रहे, साँस चलती रही ! अर्थ…

  • 13th Nov 2024

    वो तो मर जाते होंगे!

    यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का,वो जो सिमटते होंगे उन में वो तो मर जाते होंगे| जौन एलिया

  • 13th Nov 2024

    मेरे बाल हैं बिखरे!

    उस की याद की बाद-ए-सबा में और तो क्या होता होगा,यूँही मेरे बाल हैं बिखरे और बिखर जाते होंगे| जौन एलिया

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