Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 13th Aug 2026

    आँखों की नमी बढ़ जाएगी!

    आप के हँसने से ख़तरा और भी बढ़ जाएगा,इस तरह तो और आँखों की नमी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना

  • 13th Aug 2026

    मैंने ये कब कहा कि!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में राना सहरी जी का एक और शेर जो जगजीत सिंह जी ने गाया है – मैंने ये कब कहा कि मेरे हक़ में हो जवाबशायर- राना सहरी गायक- जगजीत सिंह प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******

  • 13th Aug 2026

    शहर वालों से हमारी!

    इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप,शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना

  • 13th Aug 2026

    आप के आने से थोड़ी!

    मौत का आना तो तय है मौत आएगी मगर,आप के आने से थोड़ी ज़िंदगी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना

  • 13th Aug 2026

    मेरा एक सपना यह भी!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय चंद्रकांत देवताले जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। देवताले जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय चंद्रकांत देवताले जी की यह कविता- सुख से पुलकने से नहींरबने-खटने के थकने सेसोई हुई है स्त्री, मिलता जो सुखवह जगती अभी तक भीमहकती…

  • 13th Aug 2026

    अजनबी तुम जाने पहचाने!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो फिल्म- हम सब उस्ताद हैं मुख्य कलाकार-गीतकार- असद भोपाली संगीतकार- लक्ष्मीकांत प्यारेलाल गायक- किशोर कुमार प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******

  • 12th Aug 2026

    माँ की आँखें चूम लीजे!

    मुख़्तसर होते हुए भी ज़िंदगी बढ़ जाएगी,माँ की आँखें चूम लीजे रौशनी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना

  • 12th Aug 2026

    ख़राबी बस यही हर मुल्क के!

    ये अपने आप को तक़्सीम कर लेता है सूबों में,ख़राबी बस यही हर मुल्क के नक़्शे में रहती है| मुनव्वर राना

  • 12th Aug 2026

    मोहब्बत में परखने जाँचने!

    मोहब्बत में परखने जाँचने से फ़ाएदा क्या है,कमी थोड़ी बहुत हर एक के शजरे में रहती है| मुनव्वर राना

  • 12th Aug 2026

    मंज़िल न दे चिराग़ न दे!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में राना सहरी जी की ग़ज़ल का एक शेर जिसे जगजीत सिंह जी ने गाया है-मंज़िल न दे चिराग़ न दे हौसला तो दे! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****

←Previous Page
1 … 40 41 42 43 44 … 1,523
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar