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आँखों की नमी बढ़ जाएगी!
आप के हँसने से ख़तरा और भी बढ़ जाएगा,इस तरह तो और आँखों की नमी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना
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मैंने ये कब कहा कि!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में राना सहरी जी का एक और शेर जो जगजीत सिंह जी ने गाया है – मैंने ये कब कहा कि मेरे हक़ में हो जवाबशायर- राना सहरी गायक- जगजीत सिंह प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******
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शहर वालों से हमारी!
इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप,शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना
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आप के आने से थोड़ी!
मौत का आना तो तय है मौत आएगी मगर,आप के आने से थोड़ी ज़िंदगी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना
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मेरा एक सपना यह भी!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय चंद्रकांत देवताले जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। देवताले जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय चंद्रकांत देवताले जी की यह कविता- सुख से पुलकने से नहींरबने-खटने के थकने सेसोई हुई है स्त्री, मिलता जो सुखवह जगती अभी तक भीमहकती…
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अजनबी तुम जाने पहचाने!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो फिल्म- हम सब उस्ताद हैं मुख्य कलाकार-गीतकार- असद भोपाली संगीतकार- लक्ष्मीकांत प्यारेलाल गायक- किशोर कुमार प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******
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माँ की आँखें चूम लीजे!
मुख़्तसर होते हुए भी ज़िंदगी बढ़ जाएगी,माँ की आँखें चूम लीजे रौशनी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना
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ख़राबी बस यही हर मुल्क के!
ये अपने आप को तक़्सीम कर लेता है सूबों में,ख़राबी बस यही हर मुल्क के नक़्शे में रहती है| मुनव्वर राना
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मोहब्बत में परखने जाँचने!
मोहब्बत में परखने जाँचने से फ़ाएदा क्या है,कमी थोड़ी बहुत हर एक के शजरे में रहती है| मुनव्वर राना
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मंज़िल न दे चिराग़ न दे!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में राना सहरी जी की ग़ज़ल का एक शेर जिसे जगजीत सिंह जी ने गाया है-मंज़िल न दे चिराग़ न दे हौसला तो दे! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****