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रोना और हंसना- फिल्मी गीतों में
आपके अवलोकन एवं श्रवण हेतु प्रस्तुत अपनी इस लाइव प्रस्तुति के लिए मैंने कुछ ऐसे हिंदी फिल्मी गीत चुने हैं जिनमें हंसने या रोने का भाव आया है- आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । ******
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जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा !
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा! फिल्म- ताज महल मुख्य कलाकार- प्रदीप कुमार, बीना राय गीतकार- साहिर लुधियानवी संगीतकार- रोशन गायक- मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । ******
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बहुत जी लिए हम तेरा नाम लेकर!
आज मैं फिर से, अपनी एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से अपने प्रिय गायक मुकेश जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ | वैसे मुकेश जी के गीत ही ऐसे हैं कि यादों में लिपटे रहते हैं| आज का ये गीत है 1965 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘पूर्णिमा’ का, गीत लिखा है- गुलज़ार…
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हरिवंश राय बच्चन जी की मधुशाला, भाग-1
मेरे यूट्यूब लाइव के अंतर्गत मेरे स्वर में, विख्यात हिंदी कवि हरिवंश राय बच्चन जी की मधुशाला, का पहला भाग प्रस्तुत हैहरिवंश राय बच्चन जी की मधुशाला, भाग-1 आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *****
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तो मुझ को मौत की आमद!
जो तेरी बाहों में दम तोड़ना मुयस्सर हो,तो मुझ को मौत की आमद भी ज़िंदगी सी लगे| विजेंद्र सिंह परवाज़
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उठाए फिरते थे एहसान!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह शेर- उठाए फिरते थे एहसान दिल का सीने पर!फिल्म- मौसम मुख्य कलाकार- संजीव कुमार, शर्मिला टैगोरगीतकार- गुलज़ार संगीतकार- मदन मोहन गायिका- लता मंगेशकर प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । ******
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दिलीप कुमार जी से जुड़े कुछ गीत!
मेरे यूट्यूब लाइव स्ट्रीम के अंतर्गत आज प्रस्तुत हैं मेरे स्वर में दिलीप कुमार जी की फिल्मों से जुड़े कुछ गीत- आशा है आपको यह पसंद आएंगे, धन्यवाद । *****
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तेरी दुनिया से दूर चले होके मजबूर!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- तेरी दुनिया से दूर चले होके मजबूर हमें याद रखना !फिल्म- ज़बक मुख्य कलाकार- महिपाल, श्यामा गीतकार- प्रेम धवन संगीतकार- चित्रगुप्त गायक- लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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आर्य!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय मैथिलीशरण गुप्त जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय मैथिलीशरण गुप्त जी की यह कविता- हम कौन थे, क्या हो गये हैं, और क्या होंगे अभीआओ विचारें आज मिल कर, यह समस्याएं सभीभू लोक का…