जो तेरी बाहों में दम तोड़ना मुयस्सर हो,
तो मुझ को मौत की आमद भी ज़िंदगी सी लगे|
विजेंद्र सिंह परवाज़
तो मुझ को मौत की आमद!
One response to “तो मुझ को मौत की आमद!”
-
🤍🤍
LikeLike
A sky full of cotton beads like clouds
🤍🤍
LikeLike
Leave a Reply