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जीना है ख़ूब औरों की!
जीना है ख़ूब औरों की ख़ातिर जिया करो,इक-आध साँस ख़ुद भी तो लेते रहा करो| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन
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फ्लोरेंस और पीसा के बीच मार्ग पर लिखे गए कुछ छंद
आज एक बार फिर मैं अपना किया हुआ एक प्रसिद्ध कविता का अनुवाद दोहरा रहा हूँ। आज मैं अंग्रेजी के प्रसिद्ध कवि लॉर्ड बॉयरन की एक और कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- फ्लोरेंस और पीसा के बीच मार्ग…