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लोगों ने साथ निभाया!
इतने दिन एहसान किया दीवानों पर,जितने दिन लोगों ने साथ निभाया है| साहिर लुधियानवी
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दिल ही काम आया है!
अव्वल अव्वल जिस दिल ने बर्बाद किया,आख़िर आख़िर वो दिल ही काम आया है| साहिर लुधियानवी
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पैदाइश के दिन से!
पैदाइश के दिन से मौत की ज़द में हैं,इस मक़्तल में कौन हमें ले आया है| साहिर लुधियानवी
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इंसाँ का ख़ूँ बहाया है!
झूट तो क़ातिल ठहरा इस का क्या रोना,सच ने भी इंसाँ का ख़ूँ बहाया है| साहिर लुधियानवी
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ख़ुशियों का लोभ!
हम को इन सस्ती ख़ुशियों का लोभ न दो,हम ने सोच समझ कर ग़म अपनाया है| साहिर लुधियानवी
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ग़रज़-परस्त जहाँ में !
ग़रज़-परस्त जहाँ में वफ़ा तलाश न कर,ये शय बनी थी किसी दूसरे जहाँ के लिए| साहिर लुधियानवी
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गोवा और पर्यटन
पिछले दिनों कुछ इस प्रकार की चिंता व्यक्त की गई कि गोवा में विदेशी पर्यटकों का आना काफी कम हुआ है। मुझे इस विषय में अधिक जानकारी नहीं है लेकिन क्योंकि मैं गोवा में ही रहता हूँ इसलिए मुझे इस बात की चिंता है कि गोवा में अधिक पर्यटक आने चाहिएं और मेरा ध्यान कुछ…
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वो शाख़ ही न रही!
पलट के सू-ए-चमन देखने से क्या होगा,वो शाख़ ही न रही जो थी आशियाँ के लिए| साहिर लुधियानवी
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न तू ज़मीं के लिए!
न तू ज़मीं के लिए है न आसमाँ के लिए,तिरा वजूद है अब सिर्फ़ दास्ताँ के लिए| साहिर लुधियानवी