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प्यार का दुश्मन!
राह-ए-वफ़ा में फूल नहीं हैं ख़ार बहुत हैं ‘हस्ती‘ जी, प्यार का दुश्मन सारा ज़माना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती
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पंछी की परवाजों में!
जिस पंछी की परवाजों में जोश-ए-जुनूँ भी शामिल हो,उस की ख़ातिर आब-ओ-दाना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती
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तन्हाई से अपना!
अपने दुख-सुख कह लेना कभी हँस लेना कभी रो लेना,तन्हाई से अपना याराना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती
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सब कुछ बदल गया!
रंग बदलती इस दुनिया में सब कुछ बदल गया लेकिन,मेरे लबों पर तेरा फ़साना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती
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ख़्वाब में तेरा आना!
ख़्वाब में तेरा आना-जाना पहले भी था आज भी है,तुझ से इक रिश्ता अन-जाना पहले भी था आज भी है| हस्तीमल हस्ती
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शायरी है सरमाया!
शायरी है सरमाया ख़ुश-नसीब लोगों का,बाँस की हर इक टहनी बाँसुरी नहीं होती| हस्तीमल हस्ती
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भीक के उजालों से!
ख़ुद चराग़ बन के जल वक़्त के अँधेरे में,भीक के उजालों से रौशनी नहीं होती| हस्तीमल हस्ती
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दोस्ती नहीं होती!
दोस्त पे करम करना और हिसाब भी रखना,कारोबार होता है दोस्ती नहीं होती| हस्तीमल हस्ती