Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 31st May 2025

    वो क्यूँ गया है ये भी!

    रुख़्सत हुआ तो आँख मिला कर नहीं गया,वो क्यूँ गया है ये भी बता कर नहीं गया| शहज़ाद अहमद

  • 31st May 2025

    तंग नजरिये में!

    तंग नजरिये में बदलाब करो वर्ना,कल क्या होगा ये बतलाना मुश्किल है। शंभुनाथ तिवारी

  • 31st May 2025

    टहलने जाना मुश्किल!

    क़ातिल की नज़रों से हम महफूज़ कहाँ,सुबहो-शाम टहलने जाना मुश्किल है। शंभुनाथ तिवारी

  • 31st May 2025

    परिंदे की है मजबूरी!

    उड़ना रोज परिंदे की है मजबूरी,घर बैठे परिवार चलाना मुश्किल है। शंभुनाथ तिवारी

  • 31st May 2025

    बहकाना मुश्किल है!

    दाँवपेंच से हम अनजाने हैं बेशक,हम सब को यूँ ही बहकाना मुश्किल है। शंभुनाथ तिवारी

  • 31st May 2025

    आसानी से कुछ भी!

    रखकर जान हथेली पर चलना होगा,आसानी से कुछ भी पाना मुश्किल है। शंभुनाथ तिवारी

  • 31st May 2025

    जिनके दिल में कद्र!

    जिनके दिल में कद्र नहीं इनसानों की,उनकी जानिब हाथ बढ़ाना मुश्किल है। शंभुनाथ तिवारी

  • 31st May 2025

    समझाना मुश्किल है!

    बेहतर है कि खुद को ही तब्दील करें,सारी दुनिया को समझाना मुश्किल है। शंभुनाथ तिवारी

  • 31st May 2025

    रिश्तों का चल पाना!

    जिनकी बुनियादें खुदग़र्ज़ी पर होंगी,ऐसे रिश्तों का चल पाना मुश्किल है। शंभुनाथ तिवारी

  • 31st May 2025

    एक मीनार उठती रही!

    आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि तथा हिंदी नवगीत के शिखर पुरुष स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ। सिंह जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का यह नवगीत – एक मीनार उठती रही एक मीनार ढहती रही…

←Previous Page
1 … 320 321 322 323 324 … 1,447
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,131 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar