Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 9th Sep 2025

    और पिघल रहा हूँ मैं!

    बदन के दोनों किनारों से जल रहा हूँ मैं,कि छू रहा हूँ तुझे और पिघल रहा हूँ मैं| इरफ़ान सिद्दीक़ी

  • 9th Sep 2025

    आज कल अपना सफ़र!

    आज कल अपना सफ़र तय नहीं करता कोई,हाँ सफ़र का सर-ओ-सामान बहुत करता है| इरफ़ान सिद्दीक़ी

  • 9th Sep 2025

    चल हवा!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि तथा मेरे लिए गुरुतुल्य रहे डॉक्टर कुंवर बेचैन जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। बेचैन जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय डॉक्टर कुंवर बेचैन जी का यह गीत- चल हवा, उस ओर मेरे साथ चलचल वहाँ तक जिस जगह…

  • 8th Sep 2025

    नुक़सान बहुत करता है!

    रात को जीत तो पाता नहीं लेकिन ये चराग़,कम से कम रात का नुक़सान बहुत करता है| इरफ़ान सिद्दीक़ी

  • 8th Sep 2025

    रंज कम सहता है!

    होशियारी दिल-ए-नादान बहुत करता है,रंज कम सहता है ए’लान बहुत करता है| इरफ़ान सिद्दीक़ी

  • 8th Sep 2025

    हम तो सूरज हैं!

    हम तो सूरज हैं सर्द मुल्कों के,मूड होता है तब निकलते हैं| सूर्यभानु गुप्त

  • 8th Sep 2025

    पेड़ जब कुर्सियों में!

    बस्तियों का शिकार होता है,पेड़ जब कुर्सियों में ढलते हैं| सूर्यभानु गुप्त

  • 8th Sep 2025

    ऐसी काई है अब!

    ऐसी काई है अब मकानों पर,धूप के पाँव भी फिसलते हैं| सूर्यभानु गुप्त

  • 8th Sep 2025

    अंत- रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता

    आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट को दोहराने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पोस्ट| आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद…

  • 7th Sep 2025

    धूप के कारोबार!

    बर्फ़ गिरती है जिन इलाक़ों में,धूप के कारोबार चलते हैं| सूर्यभानु गुप्त

←Previous Page
1 … 310 311 312 313 314 … 1,527
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar