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कभी सो लिया करो!
ये बार-ए-ज़ीस्त झेलते रहना है उम्र-भर,अपनी थकन पे टिक के कभी सो लिया करो| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन
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जीना है ख़ूब औरों की!
जीना है ख़ूब औरों की ख़ातिर जिया करो,इक-आध साँस ख़ुद भी तो लेते रहा करो| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन
A sky full of cotton beads like clouds
ये बार-ए-ज़ीस्त झेलते रहना है उम्र-भर,अपनी थकन पे टिक के कभी सो लिया करो| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन
जीना है ख़ूब औरों की ख़ातिर जिया करो,इक-आध साँस ख़ुद भी तो लेते रहा करो| बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन