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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 11th Oct 2025

    कितने हसीन लोग थे!

    जिन से अँधेरी रातों में जल जाते थे दिए, कितने हसीन लोग थे क्या जाने क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 11th Oct 2025

    भूली हुई यादो मुझे इतना न सताओ

    आज मैं अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से अपने प्रिय गायक मुकेश जी का एक और गीत शेयर कर रहा हूँ, आशा है आपको पसंद आएगा-भूली हुई यादो मुझे इतना न सताओअब चैन से रहने दो मेरे पास न आओhttps://youtu.be/jkUtQFB8UDs?si=GVy2c5h0_vTsBeNc आप मेरे यूट्यूब चैनल को इस लिंक से सब्स्क्राइब कर सकते हैंyoutube.com/@kris230450 धन्यवाद

  • 11th Oct 2025

    डूब गया दिन!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। ओम प्रभाकर जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी का यह नवगीत – डूब गया दिनजब तक पहुँचे तेरे द्वारे। एक धुँधलका छाया ओर-पासधूप गाँव-बाहर की छूट गई,छप्पर-बैठक…

  • 10th Oct 2025

    वो बोलते बदन जो!

    वो जागती जबीनें कहाँ जा के सो गईं, वो बोलते बदन जो सिमटते थे क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 10th Oct 2025

    वो गुनगुनाते रास्ते!

    वो गुनगुनाते रास्ते ख़्वाबों के क्या हुए,वीराना क्यूँ हैं बस्तियाँ बाशिंदे क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 10th Oct 2025

    ख़ुश-बयानी से!

    कितनी ख़ुश-फ़हमियों के बुत तोड़े,तू ने गुलज़ार ख़ुश-बयानी से| गुलज़ार देहलवी

  • 10th Oct 2025

    वाक़िए हो गए!

    हाए क्या दौर-ए-ज़िंदगी गुज़रा,वाक़िए हो गए कहानी से| गुलज़ार देहलवी

  • 10th Oct 2025

    चक्की पर गेंहू लिए खड़ा!

    आज मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय भारत भूषण जी का एक प्रसिद्ध गीत – चक्की पर गेंहू लिए खड़ा मेरे स्वर में, आशा है आपको पसंद आएगा।

  • 10th Oct 2025

    मैं तो एक ख्वाब हूँ!

    आज मैं फिर से मेरे प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और गीत, यूट्यूब पर अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ।गीत के बोल हैं मैं तो एक ख्वाब हूँhttps://youtu.be/sLJWKdnoasg?si=TzhHy2cwwm4QsOSkआशा है आपको पसंद आएगा। धन्यवाद

  • 10th Oct 2025

    आग बुझती नहीं है!

    दिल सुलगता है अश्क बहते हैं,आग बुझती नहीं है पानी से| गुलज़ार देहलवी

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