Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 1st Dec 2025

    जो तुमको हो पसंद वही बात कहेंगे!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में मुकेश जी का गाया यह अत्यंत लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- जो तुमको हो पसंद वही बात कहेंगेतुम दिन को अगर रात कहो, रात कहेंगे! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद ।

  • 30th Nov 2025

    चढ़ता दरिया चढ़ता!

    ख़ाली कश्ती साहिल पर,चढ़ता दरिया चढ़ता दिन| नज़ीर क़ैसर

  • 29th Nov 2025

    सूरज शाख़ हुआ!

    ढलता सूरज शाख़ हुआ,झुका हुआ है टूटा दिन| नज़ीर क़ैसर

  • 29th Nov 2025

    बदन में जागी रात!

    तेरे बदन में जागी रात, मेरे बदन में डूबा दिन| नज़ीर क़ैसर

  • 29th Nov 2025

    धरती का पहला दिन!

    तू धरती की पहली रात,मैं धरती का पहला दिन| नज़ीर क़ैसर

  • 29th Nov 2025

    रात किनारा, दरिया!

    रात किनारा दरिया दिनरात के पीछे बहता दिन नज़ीर क़ैसर

  • 29th Nov 2025

    रौशनी अंधेरे का विलोम नहीं होती!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि कुमारेंद्र पारस नाथ सिंह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ।इनकी अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं।लीजिए आज प्रस्तुत है कुमारेंद्र पारस नाथ सिंह जी की यह कविता- यहाँ से वहाँ तक दौड़ती रहती है।कभी-कभीजब बहुत घना हो जाता है अंधेरा,लगता है,/ नहीं है–…

  • 28th Nov 2025

    भीग रहा था मुझ में!

    बरस रही थी बारिश बाहर,और वो भीग रहा था मुझ में| नज़ीर क़ैसर

  • 28th Nov 2025

    भूल गया है रस्ता!

    कोई मुझ को ढूँढने वाला,भूल गया है रस्ता मुझ में| नज़ीर क़ैसर

  • 28th Nov 2025

    मंज़र जागा मुझ में!

    बंद हुई जाती हैं आँखें,कैसा मंज़र जागा मुझ में| नज़ीर क़ैसर

←Previous Page
1 … 238 239 240 241 242 … 1,525
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar